Since The Strait of Hormuz is in news since February 28, 2026 globally and The strait of malacca is in news in our country since last week of April 2026 due to politics regarding Nicobar Island Project, let us know what is a Strait? (Geographical meaning)
— Aswin Kumar Tiriya (@aswintheblogger) May 2, 2026
A Strait is a narrow… pic.twitter.com/r1Z1p8hn1T
शनिवार, 2 मई 2026
What is a Strait? (Geographical meaning)
शनिवार, 6 जुलाई 2024
मंगलवार, 17 फ़रवरी 2009
भयानक स्तिथि
अगर आप लोगों को नही पता इस बारे में तो मैं आपको बता दूँ कि तालिबान पाकिस्तान के स्वात घाटी में पुरी तरह से कब्जा कर चुका है। उन्होंने कल पाकिस्तान सेना के साथ संघर्षविराम (ceasefire) कि घोषणा की। परन्तु उसके पीछे भी एक सर्त रखी गई। वो सर्त ये कि स्वात घाटी में शरियत कानून लागू किया जाए। आख़िर राष्ट्रपति ज़रदारी को उनके सामने झुकना ही पड़ा। पहले फाटा फिर nftp और अब स्वात । तालिबान पाकिस्तान के अन्दर अपनीं जड़ें बहुत हद तक मजबूत कर चुका है। आप विश्वास नही करेंगे कि तालिबान भारत से केवल ४३० (430) कि.मी दूर है।
तालिबान केवल यहीं तक ही रुकना नही चाहता है बल्कि वोह तो पुरे पाकिस्तान पे अपना कब्जा जमाना चाहता है। पाकिस्तान के अन्दर तालिबान पुरी तरह से शरियत कानून लागू करना चाहता है। अगर तालिबान का पुरे पाकिस्तान कब्जा हो गया तो ये बहुत ही भयानक स्तिथि होगी। कारण ये कि अगर पाकिस्तान पे पुरी तरह उनका राज हो गया या ये कहें कि पाकिस्तान तालिबानिस्तान बन गया तो पाकिस्तान के चकलाला(जहाँ पर पाकिस्तान ने परमाणु हथियार रखें हैं ) भी उनके हाथों में आ जायेगी। वोह कभी भीं भारत पर परमाणु हमले कर सकते हैं। भारत को पुरी तरह से नक्से से ही गायब कर सकते हैं।
अब ये स्पष्ट होने लगा है कि पाकिस्तान के नए जनरल असफाक कयानी भी तालिबानियों से बहुत हद तक मिले हुए हैं . तो भारत और अमेरिका को तुंरत ठोस कार्यवाही करने कि आवश्यकता है। मैं तो कहता हूँ भारत और अमेरिका को मिलकर पाकिस्तान के परमाणु ठिकानो पर हवाई हमले कर उन्हें नस्ट कर देना चाहिए। एक बार पाकिस्तान के हाथों में बिल्कुल ही परमाणु हथियार ना रहे तो वोः बिना दांत वाले सांप कि तरह बन जाएगा। और फिर भारत को पाकिस्तान से डरने कि कोई आवश्यकता नही। भारत जब चाहे तब पाकिस्तान को धुल में मिला सकता है।
अभी समय बहुत ही कम है। भारत और अमेरिका को बल्कि मैं तो कहूँगा पुरी दुनिया को पाकिस्तान से तालिबान को निकाल बाहर करने और उनके परमाणु हथियारों को नस्ट कर देना चाहिए। क्यूंकि अगर ये परमाणु हथियार तालिबान के हाथों में आ गए तो ये न केवल भारत बल्कि सारे विश्व के लिए महाप्रलय कि स्तिथि होगी ।
तालिबान केवल यहीं तक ही रुकना नही चाहता है बल्कि वोह तो पुरे पाकिस्तान पे अपना कब्जा जमाना चाहता है। पाकिस्तान के अन्दर तालिबान पुरी तरह से शरियत कानून लागू करना चाहता है। अगर तालिबान का पुरे पाकिस्तान कब्जा हो गया तो ये बहुत ही भयानक स्तिथि होगी। कारण ये कि अगर पाकिस्तान पे पुरी तरह उनका राज हो गया या ये कहें कि पाकिस्तान तालिबानिस्तान बन गया तो पाकिस्तान के चकलाला(जहाँ पर पाकिस्तान ने परमाणु हथियार रखें हैं ) भी उनके हाथों में आ जायेगी। वोह कभी भीं भारत पर परमाणु हमले कर सकते हैं। भारत को पुरी तरह से नक्से से ही गायब कर सकते हैं।
अब ये स्पष्ट होने लगा है कि पाकिस्तान के नए जनरल असफाक कयानी भी तालिबानियों से बहुत हद तक मिले हुए हैं . तो भारत और अमेरिका को तुंरत ठोस कार्यवाही करने कि आवश्यकता है। मैं तो कहता हूँ भारत और अमेरिका को मिलकर पाकिस्तान के परमाणु ठिकानो पर हवाई हमले कर उन्हें नस्ट कर देना चाहिए। एक बार पाकिस्तान के हाथों में बिल्कुल ही परमाणु हथियार ना रहे तो वोः बिना दांत वाले सांप कि तरह बन जाएगा। और फिर भारत को पाकिस्तान से डरने कि कोई आवश्यकता नही। भारत जब चाहे तब पाकिस्तान को धुल में मिला सकता है।
अभी समय बहुत ही कम है। भारत और अमेरिका को बल्कि मैं तो कहूँगा पुरी दुनिया को पाकिस्तान से तालिबान को निकाल बाहर करने और उनके परमाणु हथियारों को नस्ट कर देना चाहिए। क्यूंकि अगर ये परमाणु हथियार तालिबान के हाथों में आ गए तो ये न केवल भारत बल्कि सारे विश्व के लिए महाप्रलय कि स्तिथि होगी ।
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